सतीश मित्तल- विचार

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“MTNL है तो सहीहै”?

Posted On: 19 Nov, 2015 Others में

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न्यूज पेपर में खबर पढ़ी- “ संचार मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद के नेतृत्व में BSNL ने घाटे से उबर कर लाभ कमाया”। चलो ! BSNL ने अपनी सामजिक जिम्मेदारी पूरा करते हुए टेलीकॉम/संचार क्षेत्र में निजी क्षेत्र को कड़ी प्रतिस्पर्धा में टक्कर देकर लाभ कमाया । BSNL की उपलब्धि को ध्यान रख मंत्री महोदय से अनुरोध है कि वह दिल्ली में सरकारी क्षेत्र की टेलीकॉम कम्पनी MTNL की ओर भी ध्यान देने की कृपा करें। MTNL की बेसिक टेलीफोन , ब्रॉडबेन्ड सेवा में कमी के कारण असंख्य असंतुष्ट उपभोगता दूसरी सेवा प्रदाता प्राइवेट कम्पनी की ओर तेजी से भागने को मजबूर है। लम्बे समय से MTNL उपभोगता होने के कारण कुछ अनुभव इस प्रकार है: -
टेलीफोन इंस्ट्रूमेंट की घटिया क्वालिटी , बरसात में नमी के कारण टेलिफोन इंस्ट्रूमेंट का खराब होना , स्टोर में नए व अच्छी किस्म के टेलीफोन सेट का ना मिलना , केबिल बॉक्स अथवा खम्बे से उपभोगता के घर तक आयी घटिया तार का होना , टेलीफोन केबिल का पुराना होना ,खराब होना आदि आदि कारणों से MTNL अपने उपभोगता को एक अच्छी क्वालिटी की सर्विश देने में पूर्णतः नाकाम है। बेसिक टेलीफोन या ब्रॉडबेंड सेवा में फाल्ट को दूर करने में MTNL काफी समय लेता है। टेलीफोन लाइन पर शोर , क्रॉस कनेक्शन, बिल भरने के बाद भी टेलीफोन पर बिल न भरने की टेप चलना (यह घटना इसी सप्ताह घटी ) ब्रॉडबेन्ड प्लान के अनुसार स्पीड न मिलना , नेट का बार-बार चले जाना , शिकायत के बाद भी टेलीफोन या नेट का न चलना आदि की समस्या आम बात है। नेट या बेसिक टेलीफोन तक ठीक कराने के लिए कामकाजी उपभोगता को एकाउंट्स डिपार्टमेंट , SDO तक चक्कर काटना आम बात है ।
सरकारी उपक्रम की कम्पनी दवरा इस प्रकार की उपरोक्त वर्णित सेवा प्रदान की जाए तो ऐसी स्तिथि में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का डिजिटल इंडिया का सपना शायद ही पूरा हो सके । मेरा मंत्री महोदय से विन्रम अनुरोध है कि दिल्ली में सरकारी क्षेत्र की कम्पनी MTNL पर तुरंत ध्यान दे । MTNL से तेजी से पलायन कर रहे टेलीफोन , नेट उपभोगताओं को रोकने के लिए उन्हें प्राइवेट कम्पनी की तरह एक भरोसे मंद सेवा देना जरूरी है । MTNL पर केंद्र सरकार को समय रहते उचित कदम उठाने का प्रयास करना चाहिए ।
मोबाइल नंबर पोर्टिबिलिटी की ही तरह संचार मंत्रालय को बेसिक टेलीफोन नंबर पोर्टिबिलिटी पर भी गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए। ताकि खराब सर्विस के कारण यदि कोई टेलीफोन कम्पनी बदलना चाहे तो उपभोगता बिना नंबर बदले ऐसा कर सके । आशा है मंत्री महोदय उपरोक्त को अन्यथा न ले जनहित में अवशय ही उपरोक्त बिन्दुओं पर विचार कर उचित कदम उठाने का प्रयास करेंगें।

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