सतीश मित्तल- विचार

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संकट मोचक बनी मोदी सरकार

Posted On: 27 Apr, 2015 Others में

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केंद्र की मोदी सरकार से कई गिले-शिकवे हो सकते है। परन्तु 11 महीने में केंद्र सरकार ने जिस तरह से बिना किसी घोटाले के प्रशासन चलाया वो अपने आप में अद्भुत है। कोयले की खदानों से राज्य व् केंद्र सरकार को करोड़ों के राजस्व की प्राप्ति हुई। देश के अंदर व् विदेश में भारतीय नागरिकों को संकटग्रस्त देश से बाहर जिस प्रकार सफलता पूर्वक निकाला गया उसके लिए सरकार की जितनी भी सराहना की जाये उतनी कम है।
जम्मू व् कश्मीर में बाढ़ में फंसे लोगों की केंद्र सरकार ने मदद की। सेना व् अन्य प्रशासनिक इकाई के साथ मिल केंद्र ने एक संगठित व् कुशल टीम की तरह मोदी जी के नेतृत्व में काम कर बाढ़ में फंसे लोगों की सहायता की। यह एक बहुत ही प्रशंसनीय कार्य रहा।
अरब देशों में रोजगार की तलाश में भारतीय नागरिकों को जिसमें मुस्लिम , हिन्दू, ईसाई ,सिख सभी धर्मों के लोग शामिल थे , को संकट ग्रस्त ईराक से सुरक्षित निकला। मोदी जी का यह पुनीत कार्य देश के लोगों के दिलों में घर कर गया।
संकट ग्रस्त यमन से सेना के पूर्व जनरल श्री वी के सिंह ने जिस फ़ौजी अंदाज में भारतीय नागरिकों सहित अन्य देशों के नागरिकों को निकाला उसकी मिशाल शायद ही कहीं मिले।
25 अप्रैल,2015 दिन शनिवार को नेपाल (जिसमें भारत भी शामिल है ) में आये भयंकर भूकंप में मोदी सरकार ने जिस प्रकार तेजी से निर्णय लेकर एक सच्चे पड़ौसी , हितैसी , सच्चे मित्र व् भारतीय संस्कृति का परिचय देकर बिना देर किये नेपाल की सहायता की है वो निश्चित ही मोदी के व्यक्तित्व में चार चाँद लगाता है।
राम चरित मानस की यह चौपाई आज के परिस्तिथि में एकदम सटीक बैठती है :–
धीरज धरम मित्र अरु नारी
आपद काल परखिये चारी
भगवान प्राकृतिक आपदा में स्वर्गवासी लोगों की आत्मा को शांति प्रदान करे। पीड़ित व् संतप्त परिवारों को दुःख सहने की शक्ति दे । 125 करोड़ भारतवासी की ऐसी कामना है।
मनुष्य ईश्वर के आधीन है इसी लिए रामचरित मानस में तुलसी जी ठीक ही कहा है।
होइहै वही जो राम रचि राखा
को करे तरफ़ बढ़ाए साखा
मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवहु सुदसरथ अचर बिहारी

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