सतीश मित्तल- विचार

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः

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चेले का चैलेंज

Posted On: 22 May, 2015 Others में

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गुरू दवरा तलवार युद्ध में पारंगत बना दिए जाने के बाद चेले ने देखते ही देखते अपने युद्ध कौशल में सबको चारो खाने चित कर दिया। ऐरे गैरे नथ्थू खैरे सभी की जुबान पर गुरू-चेले का नाम था। धूल फांकते चेले को अचानक से मिली प्रसिद्धि ने रातों-रात जमीन से उठा आसमान पर पंहुचा दिया। इससे चेले के मन में घमंड पैदा हो गया। उसने आदमी को आदमी समझना ही बंद कर दिया। चेले को लगा कि अब कोई भी माई का लाल उसे तलवार बाजी में नहीं हरा सकता ,सिवाय गुरू को छोड़कर। मन में उपजे गुरुर के कारण चेले ने तलवारबाजी के मुकाबले के लिए अपने गुरू को ही चैलेंज कर दिया। गुरू ने चेले को बहुत समझाया कि गुरू से मुकाबला गुरू के ज्ञान की तौहीन है, वह फालतू बातों में वक्त जाया न करे और तलवार बाजी की युद्ध कला में खुद को और पारंगत बनाये l सफलता के नशे में चूर चेले ने गुरू की एक न सुनी। अंत में थक हार कर मुकाबला तय हुआ। दोनों ओर से मुकाबले की तैयारी शुरु हो गई l चेला युद्ध को गुरू से हर हाल में जीतना चाहता था। उसने तलवारबाजी की प्रेक्टिश छोड़ दी। सारी शक्ति गुरू की जासूसी में लगा दी। गुरू दो फुट की तलवार बनवाता दो तो चेला चार फुट की। गुरू एक मीटर की तलवार बनवाता तो चेला दो मीटर की। गरज ये गुरू तलवार की जितनी लम्बाई रखता, चेला उससे दुगुनी लम्बाई रखता।
तय दिन, समय व् स्थान पर गुरू व् चेले में मुकाबला शुरू हुआ। दोनों मैदान में थे। गुरू ने लम्बी म्यान से छोटी तलवार निकाली, परन्तु चेला अधिक लम्बी तलवार होने के कारण म्यान से उसे निकलता ही रह गया। मौके का फायदा उठाकर गुरू ने तलवार चेले की गर्दन पर रख दी । अचानक तेजी से हुए वार से चेला घबरा गयाl जान के लाले पड़ते देख, गुरू के पैरों में पड़ दया की भीख मांगने लगा। गिगिड़ाते हुए बोला – “गुरू गुरू ही होता है। सब दांव सिखाने के बाद भी कोई न कोई दावं गुरू के पास रह जाता है। चेले व् गुरू का मुकाबला बेमानी है। मुझे माफ़ कर दो ! ” गुरू ने बड़ापन दिखाते हुए चेले को एक बार फिर से चेले को गले लगा लिया l

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162 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
26/05/2015

सतीश जी कहानी बहुत अच्छी है

jlsingh के द्वारा
26/05/2015

समझ में नहीं आया आदरणीय सतीश मित्तल जी, यहाँ गुरु कौन और चेला कौन है?

    sadguruji के द्वारा
    26/05/2015

    आदरणीय सतीश मित्तल जी और सिंह साहब ! गुरु मोदीजी और केजरीवालजी चेला लग रहे हैं ! दिलचस्प ब्लॉग के लिए आदरणीय सतीश मित्तल जी को हार्दिक बधाई !


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